रायपुर में गणेश उत्सव को लेकर पुलिस और समितियों की संयुक्त बैठक, सुरक्षा व यातायात पर दिए निर्देश

करीब 50 गणेश उत्सव समितियों के 100 पदाधिकारी हुए शामिल, सुरक्षित पंडाल, पार्किंग, सीसीटीवी और विसर्जन व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश
रायपुर। गणेश उत्सव के दौरान शहर में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमिश्नरेट पुलिस रायपुर और गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक 2 सितंबर 2026 को कालीबाड़ी स्थित यातायात सभागार में हुई।
बैठक में डीसीपी मध्य तारकेश्वर पटेल, डीसीपी पश्चिम रॉबिंसन गुरिया, डीसीपी नॉर्थ दीपमाला कश्यप, डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा और डीसीपी क्राइम स्मृतिक राजनाला ने गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सभी जोन के एडिशनल डीसीपी, ट्रैफिक एसीपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। शहर की करीब 50 गणेश उत्सव समितियों के लगभग 100 पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
सुरक्षित स्थान पर ही लगाए जाएं गणेश पंडाल
पुलिस अधिकारियों ने समितियों से पंडाल के लिए सुरक्षित और उपयुक्त स्थान का चयन करने को कहा। आवश्यकता के अनुसार पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और संबंधित विभागों से अनुमति एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने के निर्देश भी दिए गए।
पंडाल के आसपास पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि मुख्य सड़कों पर यातायात प्रभावित न हो। बिजली के तारों के नीचे या ट्रांसफार्मर के अत्यधिक नजदीक पंडाल नहीं लगाने की हिदायत दी गई।
आगजनी की स्थिति से निपटने के लिए पंडाल में फायर एक्सटिंग्विशर रखना और सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी बताया गया। बड़े पंडालों में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग व्यवस्था रखने के साथ प्राथमिक उपचार पेटी, आवश्यक दवाइयां और नजदीकी अस्पताल, पुलिस थाना, फायर ब्रिगेड तथा आपातकालीन नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
महिला वालंटियर भी रहेंगी तैनात
गणेश पंडालों में भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त संख्या में वालंटियर नियुक्त करने और उन्हें पहचान-पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला वालंटियरों की भी तैनाती करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस ने समितियों से भीड़ में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने और पंडाल के रास्ते में अनावश्यक भीड़ नहीं होने देने को कहा। प्रसाद वितरण के लिए मुख्य मार्ग से अलग स्थान निर्धारित करने की सलाह दी गई।
पंडाल में शराब या नशे की हालत में आने वाले व्यक्तियों को प्रवेश नहीं देने और विद्युत व्यवस्था में शॉर्ट सर्किट तथा करंट लगने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया।
यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गणेश पंडालों के आसपास दर्शनार्थियों और आयोजकों के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था होनी चाहिए। सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़े करने से बचने के निर्देश दिए गए।
आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता हमेशा खुला रखने और आयोजन के कारण मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित नहीं होने देने पर विशेष जोर दिया गया।
विसर्जन के दौरान भी नियमों का पालन जरूरी
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान समितियों को प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट, स्थान और समय का पालन करने के निर्देश दिए गए। डीजे का उपयोग निर्धारित नियमों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप करने तथा विसर्जन जुलूस के दौरान नशे का सेवन नहीं करने की हिदायत दी गई।
विसर्जन झांकी में धारदार हथियार या किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु लेकर चलने पर रोक रहेगी। समितियों को निर्धारित क्रम और लाइन का पालन करने तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने को कहा गया।
इसके अलावा पटाखों, ज्वलनशील पदार्थों या आग से संबंधित प्रतिबंधित सामग्री के उपयोग से बचने के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस अधिकारियों ने गणेश उत्सव समितियों से शांतिपूर्ण, सुरक्षित और अनुशासित तरीके से उत्सव मनाने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस और समितियों के बीच बेहतर समन्वय से गणेश उत्सव को श्रद्धा, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सकेगा।












