Everest Hing पर FSSAI का बड़ा एक्शन, बिक्री पर तत्काल रोक; चिकन और गरम मसाला भी जांच के घेरे में

कंपाउंडेड हींग के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे, गलत लेबलिंग को लेकर भी कार्रवाई; सभी Everest मसालों पर नहीं लगा प्रतिबंध
नई दिल्ली, 31 अगस्त 2026। लोकप्रिय मसाला ब्रांड Everest Food Products की कंपाउंडेड हींग को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ा कदम उठाया है। गुणवत्ता जांच के दौरान उत्पाद के कुछ सैंपल निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके बाद संबंधित कंपाउंडेड हींग की बिक्री पर अगले आदेश तक तत्काल रोक लगाने की कार्रवाई की गई है।
FSSAI की जांच में उत्पाद की गुणवत्ता और लेबलिंग से जुड़े नियमों के अनुपालन को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। हालांकि, कार्रवाई को Everest के सभी मसाला उत्पादों पर लागू नहीं किया गया है।
Alcohol-Soluble Extract मानक से कम मिला
FSSAI के अनुसार Everest की कंपाउंडेड हींग के कुछ सैंपल में Alcohol-Soluble Extract की मात्रा निर्धारित मानक से कम पाई गई। नियमों के मुताबिक इसकी मात्रा कम से कम 5 प्रतिशत होनी चाहिए।
जांच किए गए कुछ सैंपल में यह मात्रा 0 प्रतिशत, 3.29 प्रतिशत और 4.4 प्रतिशत तक पाई गई। इसी आधार पर संबंधित उत्पाद को सब-स्टैंडर्ड माना गया और नियामक कार्रवाई की गई।
कंपनी को एक्शन प्लान देने के निर्देश
FSSAI ने Everest को स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक एक्शन प्लान प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही बाजार में उपलब्ध सब-स्टैंडर्ड उत्पादों को स्वैच्छिक रूप से वापस लेने की सलाह भी दी गई है।
इस कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं तक निर्धारित गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद ही पहुंचाना और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।
Garam Masala और Chicken Masala भी जांच के दायरे में
FSSAI ने Everest के Garam Masala, Chicken Masala और Egg Curry Masala से जुड़े कुछ अनुपालन मामलों को भी चिन्हित किया है।
इन मामलों में उत्पाद के लेबल पर नमक की मात्रा की घोषणा और मसाले में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से जुड़ी जानकारी को लेकर आपत्तियां सामने आई हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन तीनों उत्पादों पर फिलहाल बिक्री प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
Laljee Godhoo की हींग पर भी कार्रवाई
FSSAI की कार्रवाई केवल Everest तक सीमित नहीं है। Laljee Godhoo and Company की कंपाउंडेड हींग को लेकर भी गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आई हैं।
जांच में कुछ सैंपल में निर्धारित सीमा से अधिक स्टार्च पाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद संबंधित उत्पादों को लेकर भी नियामकीय कार्रवाई की गई है।
क्या Everest के सभी मसाले बैन हो गए?
नहीं। सोशल मीडिया पर Everest के सभी मसालों पर प्रतिबंध लगाए जाने जैसी जानकारी सामने आ सकती है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार कार्रवाई विशेष रूप से संबंधित कंपाउंडेड हींग पर की गई है।
Garam Masala, Chicken Masala और Egg Curry Masala को लेकर अनुपालन संबंधी मामले चिन्हित किए गए हैं, लेकिन इन उत्पादों पर फिलहाल वही बिक्री प्रतिबंध लागू नहीं है।
इसलिए उपभोक्ताओं को किसी एक उत्पाद पर हुई नियामकीय कार्रवाई को पूरे ब्रांड के सभी उत्पादों पर लागू मानने से बचना चाहिए।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
उपभोक्ताओं को मसाले खरीदते समय लेबल, बैच नंबर, निर्माण और समाप्ति तिथि तथा पैकेजिंग संबंधी जानकारी ध्यान से जांचनी चाहिए। यदि किसी उत्पाद को लेकर नियामकीय रोक या रिकॉल की आधिकारिक सूचना जारी होती है, तो उस उत्पाद का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
FSSAI की कार्रवाई का अंतिम प्रभाव संबंधित उत्पादों, कंपनी के जवाब और आगे की जांच के आधार पर स्पष्ट होगा।












