रायपुर में पुलिस विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध वसूली की शिकायत पर प्रोविजनल SI महेश कुमार ओगरे निलंबित

रायपुर। राखी थाने के एक मामले की विवेचना के दौरान जबरन दबाव बनाकर अवैध वसूली और पैसे ऐंठने संबंधी शिकायत सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में पद के अनुचित इस्तेमाल और पुलिस विभाग की निष्पक्ष कार्यप्रणाली के अनुरूप आचरण नहीं करने की बात सामने आने पर प्रोविजनल सब इंस्पेक्टर महेश कुमार ओगरे को निलंबित कर दिया गया है।
रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने 24 अगस्त 2026 को निलंबन आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, परि. उप निरीक्षक महेश कुमार ओगरे थाना राखी के अपराध क्रमांक 10/2026 की विवेचना कर रहे थे। इसी दौरान उनके खिलाफ विवेचना के नाम पर जबरन दबाव बनाने, अवैध वसूली करने और पैसे ऐंठने संबंधी शिकायत प्राप्त हुई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया पद के दुरुपयोग का मामला
शिकायत मिलने के बाद विभागीय स्तर पर इसकी प्रारंभिक जांच की गई। जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि संबंधित पुलिसकर्मी ने पुलिस विभाग की निष्पक्ष कार्यप्रणाली के अनुरूप आचरण नहीं किया और अपने पद एवं अधिकारों का अनुचित उपयोग किया।
पुलिस अधीक्षक ने इस आचरण को गंभीर कदाचरण का परिचायक मानते हुए तत्काल निलंबन की कार्रवाई की। विभाग की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट किया गया है कि विवेचना के दौरान किसी भी अधिकारी द्वारा अपने पद का गलत इस्तेमाल किए जाने की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।

24 अगस्त की अपराह्न से तत्काल प्रभाव से निलंबन
जारी आदेश के मुताबिक महेश कुमार ओगरे को 24 अगस्त 2026 की अपराह्न से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें पुलिस लाइन, रायपुर ग्रामीण से संबद्ध किया गया है। उनका मुख्यालय भी पुलिस लाइन, रायपुर ग्रामीण निर्धारित किया गया है।
निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। विभागीय आदेश के अनुसार आगे की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत जारी रहेगी।
अंतिम जिम्मेदारी विभागीय जांच के बाद तय होगी
पुलिस विभाग की यह कार्रवाई फिलहाल शिकायत और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है। निलंबन आदेश में आरोपों को प्रथम दृष्टया सामने आया कदाचरण माना गया है। ऐसे में आरोपों की अंतिम पुष्टि और जिम्मेदारी का निर्धारण विभागीय जांच तथा आगे की कार्रवाई के बाद ही होगा।
पुलिस विभाग में विवेचना के दौरान पद और अधिकारों के इस्तेमाल को लेकर इस तरह की शिकायतों को गंभीर माना जाता है। इसी वजह से मामले में प्रारंभिक स्तर पर ही निलंबन की कार्रवाई की गई है।












