“हर इंसान का अपना एवरेस्ट होता है”, रायपुर में काम्या कार्तिकेयन ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र

16 साल की उम्र में एवरेस्ट फतह करने वाली काम्या ने ‘ब्रेकिंग लिमिट्स’ कार्यक्रम में साझा किया संघर्ष और सफलता का सफर
रायपुर। “हर इंसान का अपना एवरेस्ट होता है और उसे मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से हासिल किया जा सकता है।” युवा पर्वतारोही काम्या कार्तिकेयन का यह संदेश रायपुर में आयोजित ‘ब्रेकिंग लिमिट्स’ कार्यक्रम में युवाओं के बीच प्रेरणा का केंद्र बना। कार्यक्रम के दौरान काम्या ने अपने पर्वतारोहण के अनुभव, संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की।
कम उम्र में ही पर्वतारोहण के क्षेत्र में पहचान बनाने वाली काम्या ने 16 वर्ष की उम्र में माउंट एवरेस्ट फतह कर इतिहास रचा। एवरेस्ट की चढ़ाई के साथ उन्होंने युवाओं के सामने यह उदाहरण रखा कि किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए उम्र से ज्यादा जरूरी दृढ़ इच्छाशक्ति, तैयारी और निरंतर मेहनत होती है।
बड़ा लक्ष्य हासिल करने के लिए उम्र नहीं, हौसला जरूरी
काम्या ने युवाओं से कहा कि हर व्यक्ति की जिंदगी में चुनौतियां और लक्ष्य अलग होते हैं। किसी के लिए पढ़ाई, किसी के लिए करियर तो किसी के लिए कोई बड़ा सपना उसका “एवरेस्ट” हो सकता है। इन लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास और मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़ते रहना जरूरी है।
उन्होंने अपने अनुभवों के जरिए बताया कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती। इसके पीछे लंबे समय की तैयारी, अनुशासन, धैर्य और असफलताओं से सीखने की क्षमता होती है।
छोटी उम्र से शुरू हुआ पर्वतारोहण का सफर
काम्या को बचपन से ही पहाड़ों और पर्वतारोहण में खास रुचि रही। उन्होंने कम उम्र में ही पर्वतारोहण का प्रशिक्षण और अभ्यास शुरू किया। धीरे-धीरे ऊंची चोटियों पर चढ़ाई के अनुभव ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया और यही सफर उन्हें दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट तक ले गया।
रायपुर में अपने अनुभव साझा करते हुए काम्या ने युवाओं को अपने सपनों को लेकर गंभीर रहने और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करने की प्रेरणा दी।
युवाओं के लिए खास संदेश
काम्या की कहानी सिर्फ एवरेस्ट की चोटी तक पहुंचने की कहानी नहीं है, बल्कि यह हिम्मत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण की मिसाल है। उनका संदेश युवाओं के लिए साफ है—सपना कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो मंजिल तक पहुंचने का रास्ता जरूर बनता है।












