छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों की बल्ले-बल्ले! प्रति क्विंटल 70 रुपये बढ़ा भाव, अब मिलेंगे 425 रुपये

गन्ना किसानों के लिए बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ में अब देश में दूसरा सबसे ज्यादा मिलेगा भाव; जानें किसे होगा फायदा
छत्तीसगढ़ के गन्ना उत्पादकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने शक्कर कारखानों में गन्ने की सरकारी खरीदी का भाव 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया है। इससे किसानों को अब हर क्विंटल गन्ने पर 70 रुपये अधिक मिलेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के इस फैसले से गन्ना उत्पादकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि नई दर के साथ छत्तीसगढ़ गन्ने का भाव देने के मामले में देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। इससे आगे केवल पंजाब है, जहां किसानों को 485 रुपये प्रति क्विंटल की दर मिल रही है।
किसान संघ के साथ चर्चा के बाद सरकार का फैसला
गन्ने के खरीद मूल्य में बढ़ोतरी का फैसला भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा के बाद लिया गया। संगठन की ओर से किसानों के हितों को लेकर मांग उठाई गई थी। इसके बाद सरकार ने गन्ने की खरीदी का भाव बढ़ाने का निर्णय किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों की खुशहाली ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का आधार है। सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर मूल्य दिलाना और खेती को लाभकारी बनाना है। इस फैसले से गन्ना उत्पादकों को उनकी उपज का पहले से बेहतर भुगतान मिल सकेगा।
अब एक क्विंटल गन्ने पर मिलेंगे 425 रुपये
सरकार के निर्णय के बाद गन्ने की पुरानी और नई दर में 70 रुपये का अंतर होगा। इसे उदाहरण से समझें तो किसान जितना अधिक गन्ना सरकारी खरीदी में देंगे, उन्हें बढ़ी हुई दर का उतना ही लाभ मिलेगा।
- पुराना खरीद मूल्य: 355 रुपये प्रति क्विंटल
- नया खरीद मूल्य: 425 रुपये प्रति क्विंटल
- प्रति क्विंटल बढ़ोतरी: 70 रुपये
- 100 क्विंटल गन्ने पर अतिरिक्त राशि: 7,000 रुपये
- 500 क्विंटल गन्ने पर अतिरिक्त राशि: 35,000 रुपये
- 1,000 क्विंटल गन्ने पर अतिरिक्त राशि: 70,000 रुपये
यह गणना समान मात्रा में गन्ने की खरीदी और पुरानी-नई दर के अंतर पर आधारित है। वास्तविक भुगतान खरीदी गई मात्रा और लागू नियमों के अनुसार होगा।
देश के दूसरे राज्यों से कितना ज्यादा मिलेगा भाव?
गन्ने के खरीद मूल्य की तुलना करें तो छत्तीसगढ़ की नई दर कई राज्यों से अधिक है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंजाब में 485 रुपये प्रति क्विंटल, छत्तीसगढ़ में 425 रुपये, हरियाणा में 415 रुपये, उत्तराखंड में 405 रुपये, उत्तर प्रदेश में 400 रुपये और मध्य प्रदेश में लगभग 350 रुपये प्रति क्विंटल की दर बताई गई है।
इस तुलना में छत्तीसगढ़ पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में गन्ने की किस्म, भुगतान व्यवस्था और खरीद संबंधी शर्तें अलग हो सकती हैं।
पेराई सत्र 2025-26 के किसानों को भी मिलेगा फायदा
इस फैसले की एक अहम बात यह है कि पेराई सत्र 2025-26 में खरीदे गए गन्ने का भुगतान भी बढ़ी हुई दर से करने की बात कही गई है। इससे संबंधित किसानों को पुराने और नए भाव के बीच का अंतर मिल सकता है।
किसानों के लिए अब यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि अतिरिक्त भुगतान किस प्रक्रिया और समय सीमा के तहत किया जाएगा। इसके लिए संबंधित शक्कर कारखानों और सरकार की ओर से जारी निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।
धान किसानों के बोनस का मुद्दा भी उठा
गन्ना खरीद मूल्य में बढ़ोतरी के फैसले का भारतीय किसान संघ ने स्वागत किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष माधो सिंह ठाकुर ने सरकार के प्रति आभार जताते हुए धान किसानों के बकाया बोनस का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने करीब 1,700 करोड़ रुपये के बकाया बोनस के संबंध में मुख्यमंत्री से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
इस तरह गन्ना किसानों को राहत देने वाले फैसले के साथ राज्य में अन्य फसलों के किसानों के भुगतान से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में हैं।
किसानों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
खेती में खाद, बीज, सिंचाई, मजदूरी और परिवहन पर लगातार खर्च होता है। ऐसे में फसल का बेहतर खरीद मूल्य किसानों की आमदनी को सहारा दे सकता है। गन्ने की दर में 70 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी उन किसानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो बड़ी मात्रा में गन्ना शक्कर कारखानों को बेचते हैं।
हालांकि, किसानों की वास्तविक आय इस बात पर भी निर्भर करेगी कि उन्होंने कितनी उपज बेची, खेती पर कितना खर्च किया और भुगतान कब प्राप्त हुआ। अब किसानों की नजर बढ़ी हुई दर के अनुसार भुगतान की प्रक्रिया पर रहेगी।












