
रायपुर – बेमेतरा के बिरनपुर कांड (8 अप्रैल 2023) में CBI की चार्जशीट पेश होने के बाद राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। इस मामले में अब तक बीजेपी द्वारा लगाए गए कई आरोपों का चार्जशीट में कोई उल्लेख नहीं है। इससे सवाल उठने लगे हैं कि क्या बीजेपी का पूरा नैरेटिव अब कमजोर हो गया है या फिर CBI की जांच अधूरी है?
बीजेपी के लिए झटका क्यों?
घटना के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण और सांप्रदायिक राजनीति के आरोप लगाए थे।
तत्कालीन विपक्षी दल ने मामले को विधानसभा से लेकर सड़क तक जोर-शोर से उठाया।
पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे पर भी गंभीर आरोप लगाए गए थे।
इतना ही नहीं, बीजेपी ने मृतक भुवनेश्वर साहू के पिता ईश्वर साहू को टिकट दिया और वे विधायक बने।
अब चार्जशीट में न अंजोर यदु का नाम आया, न किसी राजनीतिक साजिश का जिक्र।
कांग्रेस का पलटवार
पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा भाजपा ने उस समय समाज को जाति-धर्म के नाम पर बांटा और कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश रची। लेकिन अब CBI की चार्जशीट ने भाजपा का असली चेहरा उजागर कर दिया।
उठते सवाल
क्या CBI ने सही तरीके से जांच की या कुछ पहलू अनदेखे रह गए?
बीजेपी और ईश्वर साहू के आरोप बेबुनियाद थे या फिर जांच अधूरी है?
क्या इस चार्जशीट से बिरनपुर कांड पर बनी राजनीतिक तस्वीर बदल जाएगी?
पृष्ठभूमि: 8 अप्रैल 2023 को बिरनपुर गांव (बेमेतरा) में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान भुवनेश्वर साहू समेत 3 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद राज्य की राजनीति में तूफान खड़ा हो गया था।






