
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चोरी की एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने एक परिवार के पुराने जख्म फिर से हरे कर दिए। जिस बेटे को खोने के बाद परिवार को शासन की ओर से चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली थी, चोर उस रकम को भी नहीं छोड़ गए। चोरों ने सूने मकान का ताला तोड़कर नकदी और सोने-चांदी के जेवरात समेत करीब 7.50 लाख रुपये का सामान पार कर दिया।
घटना रावांभाठा के बंजारी नगर स्थित शुक्रवारी बाजार की है। परिवार नवरात्रि के दौरान अपने गांव गया हुआ था। करीब 14 दिन बाद जब घर लौटा तो मकान का ताला टूटा मिला और अंदर का सामान बिखरा पड़ा था।
14 दिन तक सूना रहा मकान, लौटे तो टूटा मिला ताला
जानकारी के अनुसार, खमतराई थाना क्षेत्र के शुक्रवारी बाजार बंजारी नगर निवासी हुब लाल गुप्ता अपने परिवार के साथ रहते हैं। मकान के नीचे उनकी केशरवानी इलेक्ट्रॉनिक नाम से दुकान भी संचालित होती है, जहां वे आलमारी, कूलर सहित इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचते हैं।
19 अक्टूबर को दोपहर करीब दो बजे वे परिवार के साथ मकान में ताला लगाकर अपने मूल गांव खटखरी, थाना शाहपुर, जिला मऊगंज (मध्य प्रदेश) चले गए थे।
2 नवंबर को दोपहर करीब दो बजे जब परिवार वापस लौटा तो घर के सामने का गेट खुला मिला। मकान का ताला टूटा हुआ था। अंदर जाकर देखा तो आलमारी का ताला भी टूटा था और सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर नकदी और सोने-चांदी के जेवरात गायब मिले।
बेटे की मौत के बाद मिली थी चार लाख रुपये की सहायता
इस चोरी की घटना में सबसे दुखद पहलू परिवार के बेटे से जुड़ा है। पीड़ित हुब लाल गुप्ता ने पुलिस को बताया कि करीब तीन साल पहले उनका बेटा कारा डैम के पानी में डूब गया था। इस हादसे में उसकी मौत हो गई थी।
बेटे की मौत के बाद शासन की ओर से परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली थी। परिवार ने इस रकम को सुरक्षित रखने के लिए घर की आलमारी में रखा था। चोरों ने इस रकम को भी नहीं छोड़ा।
इसके अलावा व्यवसाय से जुड़ी करीब एक लाख रुपये की नकदी भी आलमारी में रखी थी, जिसे चोर अपने साथ ले गए।
मंगलसूत्र, हार और पायल समेत लाखों के जेवर चोरी
चोरों ने नकदी के साथ बड़ी मात्रा में सोने और चांदी के जेवरात भी पार कर दिए। पीड़ित के मुताबिक, करीब सात से आठ तोला सोना और लगभग दो किलो चांदी के आभूषण चोरी हुए हैं।
सोने के जेवरात में मंगलसूत्र, मनचली, हार, झुमकी और अंगूठियां शामिल हैं। वहीं चांदी के सामान में करधन, अधकरधनी, पायल, छागल, बिछिया और बच्चों के जेवर रखे हुए थे।
परिवार ने चोरी गए नकदी और जेवरात की कुल कीमत करीब 7.50 लाख रुपये बताई है।
पुलिस के सामने जांच की चुनौती
करीब 14 दिनों तक मकान सूना रहने के दौरान चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। अब इस मामले में पुलिस के सामने आरोपितों का पता लगाने और चोरी गए सामान की बरामदगी की चुनौती है। घटना ने एक बार फिर सूने मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।












