
दिवाली और दूसरे त्योहारों पर घर के बाहर दीये जलाने की परंपरा है। लेकिन खुले स्थान पर तेज हवा चलने के कारण दीये बार-बार बुझ जाते हैं। इसी परेशानी का समाधान बताने के नाम पर सोशल मीडिया पर एक नया हैक वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि रुई की बाती के ऊपरी हिस्से पर नेल पॉलिश लगाने से दीया तुरंत जलता है और तेज हवा में भी लंबे समय तक बुझता नहीं है।
पहली नजर में यह तरीका आसान लग सकता है, लेकिन क्या वाकई नेल पॉलिश लगाने से दीया ज्यादा देर तक जलता है? या फिर यह आग और स्वास्थ्य से जुड़ा खतरा पैदा कर सकता है? आइए समझते हैं इस वायरल दावे की हकीकत।
क्या है सोशल मीडिया पर वायरल नेल पॉलिश वाला हैक?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक व्यक्ति दीये की सूती बाती के ऊपरी हिस्से पर नेल पॉलिश लगाते हुए दिखाई देता है। दावा किया जा रहा है कि ऐसा करने से बाती माचिस लगाते ही तेजी से जल उठती है और हवा के कारण आसानी से बुझती नहीं है।
हालांकि, यह केवल सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा है। इसे सुरक्षित या प्रभावी तरीका मानने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं दिए गए हैं।
नेल पॉलिश लगाने से क्या हो सकता है नुकसान?
नेल पॉलिश केवल रंग देने वाला पदार्थ नहीं है। इसमें नाइट्रोसेलुलोज और कई तरह के रासायनिक विलायक हो सकते हैं। इनमें से कुछ पदार्थ ज्वलनशील होते हैं। इसलिए इन्हें दीये की बाती पर लगाकर जलाना जोखिम भरा हो सकता है।
1. अचानक आग भड़कने का खतरा
नेल पॉलिश में मौजूद ज्वलनशील रसायन आग के संपर्क में आने पर तेजी से जल सकते हैं। इससे लौ अचानक तेज हो सकती है और हाथ या आसपास रखी ज्वलनशील चीजों में आग लगने का खतरा बढ़ सकता है।
2. धुएं से हो सकती है परेशानी
नेल पॉलिश के रसायनों को जलाने से निकलने वाला धुआं और वाष्प आंखों तथा सांस लेने में परेशानी पैदा कर सकते हैं। बंद कमरे में इसका जोखिम और बढ़ सकता है।
3. बाती ठीक से काम नहीं कर सकती
दीये की बाती का काम तेल या घी को सोखकर लौ तक पहुंचाना होता है। नेल पॉलिश सूखकर बाती के रेशों पर परत बना सकती है। इससे तेल का प्रवाह प्रभावित हो सकता है और दीया ठीक से जलने के बजाय जल्दी बुझ भी सकता है।
दीया लंबे समय तक जलाने के सुरक्षित तरीके
दीये को ज्यादा देर तक जलाने के लिए किसी रासायनिक हैक की जरूरत नहीं है। कुछ सामान्य सावधानियां अपनाकर इसे सुरक्षित तरीके से जलाया जा सकता है।
1. सही आकार की सूती बाती चुनें
दीये के आकार के अनुसार बाती रखें। बहुत छोटी बाती जल्दी बुझ सकती है, जबकि बहुत मोटी बाती से लौ जरूरत से ज्यादा बड़ी हो सकती है।
2. बाती को तेल या घी में अच्छी तरह भिगोएं
दीया जलाने से पहले बाती को उसी तेल या घी में अच्छी तरह भिगो लें, जिसका इस्तेमाल दीये में कर रहे हैं। इससे बाती को ईंधन मिलने में मदद मिलेगी।
3. दीये को हवा से बचाकर रखें
अगर बाहर तेज हवा चल रही है, तो दीये को किसी सुरक्षित, स्थिर और हवादार स्थान पर रखें। हवा से बचाने के लिए उपयुक्त दीया-कवर का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन लौ के आसपास पर्याप्त जगह और वेंटिलेशन होना चाहिए।
4. दीये को स्थिर जगह पर रखें
दीये को समतल और आग न पकड़ने वाली सतह पर रखें। पर्दे, कागज, सूखे फूल, कपड़े और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।
5. दीये को अकेला न छोड़ें
जलते हुए दीये को बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें। घर से बाहर जाते समय या सोने से पहले दीये बुझा दें।
क्या बाती को दूध या पानी में भिगोना सही है?
कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में बाती को दूध या पानी में भिगोकर सुखाने का सुझाव भी दिया जाता है। लेकिन इसे दीया लंबे समय तक जलाने का प्रमाणित तरीका नहीं माना जाना चाहिए।
बाती में नमी रहने से तेल या घी का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इसलिए बेहतर है कि साफ और सूखी सूती बाती का इस्तेमाल करें और उसे सीधे दीये के तेल या घी में अच्छी तरह भिगोकर जलाएं।
नेल पॉलिश वाला हैक आजमाएं या नहीं?
दीये की बाती पर नेल पॉलिश लगाने से बचना ही बेहतर है। इससे दीया लंबे समय तक जलेगा, इसका भरोसेमंद प्रमाण नहीं है। दूसरी ओर, ज्वलनशील रसायनों और उनके धुएं के कारण आग तथा स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो सकते हैं।
त्योहारों की खुशियां सुरक्षित रखने के लिए पारंपरिक तरीके से दीया जलाएं और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी हैक को बिना जांचे न अपनाएं।












