
इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना अब एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। धार तक रेल सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए टीही सुरंग से आई खबर ने उम्मीदें बढ़ा दी हैं। सुरंग में रेलवे पटरियों को जोड़ने का काम पूरा होने के बाद निरीक्षण की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।
मध्य प्रदेश में इंदौर से धार तक रेल संपर्क स्थापित करने की दिशा में टीही के पास बनी 2,957 मीटर लंबी सुरंग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सोमवार को इस सुरंग में टॉवर वैगन चलाकर सफल निरीक्षण किया गया। इसके बाद मंगलवार को पटरियों की पैकिंग करने वाली भारी स्वचालित मशीन भी सुरंग से सुरक्षित गुजर गई।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सुरंग में बिना गिट्टी वाली पटरी बिछाने का काम पूरा हो चुका है। विद्युतीकरण और संकेत व्यवस्था से जुड़े कार्य भी अंतिम चरण में हैं। अब रेलवे सुरक्षा आयुक्त के निरीक्षण की तैयारियां की जा रही हैं।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, 5 और 6 नवंबर को टीही से धार के बीच लगभग 47 किलोमीटर लंबे रेलखंड का निरीक्षण किया जा सकता है। इस दौरान टीही, पीथमपुर, सागौर, गुणावद और धार सहित संबंधित स्टेशनों, पुलों, पटरियों, विद्युतीकरण और संकेत व्यवस्था की जांच होगी।
यदि निरीक्षण सफल रहता है और सभी सुरक्षा मानक पूरे होते हैं, तो रेल संचालन शुरू करने की दिशा में अगला कदम बढ़ सकेगा। दिसंबर तक इंदौर से धार के बीच रेल सेवा शुरू होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि नियमित यात्री रेल सेवा की तारीख अंतिम मंजूरी और परिचालन संबंधी तैयारियों पर निर्भर करेगी।
इस रेल लाइन के शुरू होने से धार जिले को इंदौर से सीधा रेल संपर्क मिलने की उम्मीद है। इससे औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर के साथ आसपास के गांवों और कस्बों के लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिल सकती है।
इंदौर-दाहोद रेल लाइन परियोजना को वर्ष 2007-08 में स्वीकृति मिली थी। कठिन निर्माण परिस्थितियों, तकनीकी चुनौतियों और ठेके संबंधी बदलावों के कारण परियोजना में देरी हुई। अब सुरंग में पटरी बिछाने और तकनीकी कार्यों के पूरा होने के बाद धार तक रेल पहुंचने की उम्मीद फिर मजबूत हुई है।












