
प्रधान आरक्षक फिरोज खान के ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों की संपत्ति देख जांच टीम भी हैरान!
मध्य प्रदेश के देवास और इंदौर में लोकायुक्त की टीमों ने प्रधान आरक्षक फिरोज खान से जुड़े करीब 15 ठिकानों पर बुधवार सुबह एक साथ छापेमारी की। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर की गई इस कार्रवाई में अब तक 6.50 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मकान, फ्लैट, प्लॉट, दुकान और कृषि भूमि की जानकारी सामने आई है। लोकायुक्त की आठ टीमें संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं। फिरोज खान वर्तमान में इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ हैं।
क्या है पूरा मामला?
मध्य प्रदेश के देवास में पुलिस विभाग के प्रधान आरक्षक फिरोज खान से जुड़ी आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के बाद लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 की सुबह उज्जैन और इंदौर लोकायुक्त की टीमों ने देवास और इंदौर जिले में करीब 15 ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कई मकानों, फ्लैटों, भूखंडों और कृषि भूमि से संबंधित जानकारी जुटाई गई।
प्रारंभिक जांच में 6.50 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों का पता चलने की बात सामने आई है। हालांकि, यह शुरुआती आंकड़ा है और जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों का कुल मूल्य तथा उनके स्रोत को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
सुबह-सुबह पहुंचीं लोकायुक्त की टीमें
लोकायुक्त की टीमें पुलिस बस और चार पहिया वाहनों से देवास पहुंचीं। पुलिस लाइन के पास गायत्री शक्तिपीठ के सामने स्थित पैतृक निवास सहित कई स्थानों पर जांच शुरू की गई। एक टीम में करीब 18 से 20 सदस्य शामिल थे। वहीं, दूसरी टीमों को बागली, जैतपुरा, इटावा और विजय नगर सहित अलग-अलग इलाकों में भेजा गया।
इंदौर जिले में भी कई स्थानों पर जांच की गई। लोकायुक्त अधिकारियों के मुताबिक, कुल आठ टीमें इस कार्रवाई में जुटी हैं। टीमों का मुख्य उद्देश्य संपत्तियों के दस्तावेजों, स्वामित्व और आय के ज्ञात स्रोतों से उनका मिलान करना है।
कहां-कहां मिली संपत्ति?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान देवास और इंदौर में कई आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के साथ कृषि भूमि का भी पता चला है। इनमें शामिल हैं:
- देवास के आदर्श नगर में मकान।
- इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में आवास।
- इंदौर की मनोरमा और श्रीदेवी अपार्टमेंट में फ्लैट।
- देवास की पुष्पकुंज कॉलोनी में कई भूखंड।
- विजय नगर और इंदिरा गांधी नगर में संपत्तियां।
- देवास जिले के बागली क्षेत्र में कृषि भूमि।
- सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में कृषि भूमि।
- जैतपुरा क्षेत्र में व्यावसायिक भूखंड और कृषि भूमि।
- गद्दूखेड़ी क्षेत्र में कृषि भूमि।
लोकायुक्त की सूची में कुछ संपत्तियां फिरोज खान की मां वहीदा खान और अन्य संबंधित व्यक्तियों के नाम पर होने की जानकारी भी शामिल है। इन संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व और धन के स्रोत की जांच की जा रही है।
सांवेर में जमीन के सौदे से कैसे जुड़ा मामला?
लोकायुक्त के डीएसपी सुनील तलान के अनुसार, इस मामले में सांवेर क्षेत्र में जमीन के सौदे से जुड़ी शिकायत का भी संबंध है। बताया गया है कि जमीन खरीदने को लेकर फिरोज खान ने पिता-पुत्र से बातचीत की थी और इंदौर की रोशनी वर्मा के माध्यम से संपर्क किया गया था।
बाद में किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई। लोकायुक्त अधिकारियों के मुताबिक, शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद कार्रवाई शुरू की गई। इस पहलू से जुड़े तथ्यों की जांच भी की जा रही है।
पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ, गैरहाजिरी की भी जानकारी
लोकायुक्त डीएसपी ने बताया कि फिरोज खान वर्तमान में इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ हैं और काफी समय से गैरहाजिर बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, उनके परिवार के सदस्य भी पुलिस विभाग में रह चुके हैं या कार्यरत हैं। हालांकि, संपत्तियों की जांच में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और स्वामित्व को अलग-अलग सत्यापित किया जाएगा।
आय से अधिक संपत्ति का आरोप, जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
लोकायुक्त की यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के आधार पर की गई है। फिलहाल 6.50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। अब जांच एजेंसी संपत्तियों के दस्तावेज, खरीद की तारीख, भुगतान के स्रोत और संबंधित लोगों की आय का मिलान करेगी।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि छापेमारी के दौरान संपत्तियों का पता चलना अपने आप में भ्रष्टाचार का अंतिम प्रमाण नहीं है। जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही यह तय होगा कि संबंधित संपत्तियां ज्ञात आय के अनुपात में हैं या नहीं।












