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बड़वानी में 114 पटवारियों पर गिरी गाज, 6 की नौकरी खत्म; जानें पूरा मामला

मध्य प्रदेश में पटवारियों पर बड़ी कार्रवाई, 6 की सेवा समाप्त और 102 को नोटिस

बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में सरकारी कामकाज में लापरवाही बरतने वाले पटवारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन और पंजीयन कार्य में गंभीर उदासीनता तथा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की लगातार अनदेखी के मामले में कुल 114 पटवारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में छह पटवारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, छह को निलंबित किया गया है, जबकि 102 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हलचल मच गई है। अधिकारियों ने शासकीय कार्यों में लापरवाही और जिम्मेदारियों के निर्वहन में उदासीनता को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पटवारियों के खिलाफ कदम उठाया है। कार्रवाई संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) द्वारा की गई है।

छह पटवारियों की सेवाएं समाप्त

प्रशासनिक कार्रवाई के तहत छह पटवारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इनमें प्रतिमा जमरे, अजय मुजालदे, राहुल सोलंकी, शुभम गोरे, महेश सोनी और विशाल गंगवाल के नाम शामिल हैं। इन पटवारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई सरकारी कार्यों में लापरवाही के मामलों से जुड़ी है।

छह पटवारी निलंबित, नाम भी जान लीजिए

सेवा समाप्ति के अलावा छह अन्य पटवारियों को निलंबित किया गया है। इनमें मांगी लाल नरगावे, ललित बोरसे, अजीत अलावे, महेंद्र यादव, करण कनेश और धरम सोलंकी शामिल हैं। प्रशासन ने इन कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन का कदम उठाया है।

102 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस

इस पूरे मामले में सबसे बड़ी संख्या उन पटवारियों की है, जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। कुल 102 पटवारियों से जवाब मांगा गया है। यह कार्रवाई स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन और पंजीयन कार्य में कथित लापरवाही तथा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना से संबंधित है।

कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद संबंधित पटवारियों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। उनके जवाब और प्रशासनिक प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

सरकारी कामकाज में लापरवाही पर प्रशासन सख्त

बड़वानी जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को राजस्व विभाग के कामकाज में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है। स्वामित्व अधिकार अभिलेखों और पंजीयन से जुड़े काम आम लोगों के भूमि संबंधी अधिकारों तथा राजस्व रिकॉर्ड के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे कार्यों में देरी या लापरवाही से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

फिलहाल 114 पटवारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। छह कर्मचारियों की सेवा समाप्ति, छह का निलंबन और 102 को नोटिस जारी किए जाने से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकारी जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।

 

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