
नौकर विशाल के बदले बयान से पलटा पूरा केस, पुलिस के मुताबिक सुब्रत ने पिता की हत्या की साजिश रची; पकड़े जाने पर शालू का नाम लेने को कहा था।
कानपुर। दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में जांच ने ऐसा मोड़ लिया है, जिसने पूरे मामले की कहानी बदल दी है। अब तक जिस मामले में कारोबारी की बहू शालू और उसके साथियों पर हत्या की साजिश का आरोप था, उसमें पुलिस ने कारोबारी के बेटे सुब्रत को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सुब्रत ने अपने पिता की हत्या की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की है। हालांकि, किसी आरोपी का पुलिस पूछताछ में किया गया कथित कबूलनामा अपने आप में अदालत में अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जाता।
इससे पहले पुलिस के सामने नौकर विशाल ने अपना बयान बदलते हुए दावा किया कि हत्या की सुपारी सुब्रत ने दी थी। विशाल के मुताबिक, सुब्रत ने उसे पकड़े जाने की स्थिति में शालू का नाम लेने के लिए भी कहा था। इसके बाद पुलिस ने सुब्रत को हिरासत में लेकर पूछताछ की और देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया।
40-50 लाख के कर्ज ने बढ़ाई परेशानी?
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सुब्रत ने बताया कि उस पर करीब 40 से 50 लाख रुपये का कर्ज था और हर महीने लगभग 55 हजार रुपये की किस्त चुकानी पड़ती थी।
पुलिस के मुताबिक, सुब्रत को यह डर भी था कि पिता की संपत्ति भविष्य में किसी अन्य दावेदार के साथ बंट सकती है। पूछताछ में उसने अपने पिता के चरित्र को लेकर भी आरोप लगाए और इसी आशंका को हत्या की साजिश से जोड़कर बताया।
हालांकि, ये बातें फिलहाल पुलिस जांच में सामने आए आरोपी के कथित बयान पर आधारित हैं। इनके सही होने का अंतिम निर्धारण अदालत की प्रक्रिया में होगा।
तीन महीने पहले शुरू हुई थी कथित साजिश
पुलिस के मुताबिक, सुब्रत ने करीब तीन महीने पहले पिता की हत्या की योजना बनानी शुरू की थी। आरोप है कि उसने पुराने नौकर विशाल को इस साजिश में शामिल किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि फ्लैट की चाबी को लेकर भी योजना बनाई गई थी। आरोप है कि विशाल ने गुमटी से डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी। घटना से पहले सुब्रत ने उसे असली चाबी भी दी थी, जबकि डुप्लीकेट चाबी अपने पास रखी।
जांच के मुताबिक, हत्या को इस तरह अंजाम देने की योजना थी कि शुरुआत में शक कारोबारी के भाई पर जाए।
पहले शालू पर गया था पुलिस का शक
इस मामले में शुरुआत में कारोबारी की बहू शालू की भूमिका सामने आई थी। पुलिस ने शालू, विशाल और राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। शुरुआती जांच में विशाल ने शालू का नाम लिया था और हत्या के बदले छह लाख रुपये दिए जाने की बात कही थी।
लेकिन 24 घंटे की कस्टडी रिमांड के दौरान विशाल ने अपना बयान बदल दिया। उसने पुलिस को बताया कि हत्या की सुपारी सुब्रत ने दी थी और उसे निर्देश दिया गया था कि पकड़े जाने पर शालू का नाम लिया जाए। इसी बयान के बाद जांच की दिशा बदल गई।
200 सवालों की सूची लेकर बैठी थी पुलिस
पूछताछ के लिए पुलिस ने करीब 200 सवालों की विस्तृत सूची तैयार की थी। इसमें आरोपियों के बीच बातचीत, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, पैसों के लेनदेन, फ्लैट की चाबियों, घटना से पहले और बाद की गतिविधियों समेत कई बिंदु शामिल थे।
पुलिस पहले से ही सुब्रत की गतिविधियों को जांच के दायरे में रखे हुए थी। इससे पहले उसकी और विशाल की कॉल डिटेल भी पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण बनी थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने सात मोबाइल नंबरों की CDR जुटाई थी और सुब्रत के नंबरों से विशाल से हुई बातचीत की भी जांच की गई थी।
शालू और सुब्रत का आमना-सामना भी कराया गया
पूछताछ के दौरान पुलिस ने शालू और सुब्रत का आमना-सामना भी कराया। रिपोर्ट के मुताबिक, सुब्रत को सामने देखकर शालू भावुक होकर रोने लगी और उसने अपने बेटे का हाल पूछा। वहीं सुब्रत ने कथित तौर पर उसकी ओर से मुंह फेर लिया।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या की पूरी साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और किसके खिलाफ कौन से साक्ष्य मौजूद हैं।
पांच सितंबर की रात हुई थी हत्या
दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की पांच सितंबर की रात कानपुर के इंदिरा नगर स्थित रतन आर्बिट अपार्टमेंट के फ्लैट में हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में सामने आया था कि उनकी चाकू से हत्या की गई। घटना के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर विशाल गौतम और राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। बाद में शालू की भूमिका भी जांच में सामने आई और उसे गिरफ्तार किया गया।
अब सुब्रत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस पूरे हत्याकांड की साजिश, पैसों के लेनदेन, चाबी की व्यवस्था और आरोपियों के बीच हुई बातचीत की कड़ियां जोड़ रही है।
फिलहाल मामले में जांच जारी है। पुलिस के आरोप और पूछताछ में सामने आए बयान जांच का हिस्सा हैं; अंतिम दोष या निर्दोषता अदालत के निर्णय से तय होगी।












