FeatureNationalState

छत्तीसगढ़ में पहली बार: DGP – IGP कॉन्फ्रेंस, PM मोदी और अमित शाह करेंगे शिरकत

रायपुर – राजधानी रायपुर इस बार देश की सबसे बड़ी पुलिस कॉन्फ्रेंस का गवाह बनेगा। आगामी 28, 29 और 30 अक्टूबर को यहां DG (डायरेक्टर जनरल), IGP कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शिरकत करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री दो रात और तीन दिन छत्तीसगढ़ में रहेंगे।

राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा

DGP – IGP कॉन्फ्रेंस में पूरे देश से शीर्ष पुलिस अधिकारी जुटेंगे। यहां नई योजनाओं और बेस्ट प्रैक्टिस पर चर्चा होगी। देशभर की सुरक्षा चुनौतियों को इंटीग्रेटेड दृष्टिकोण से हल करने की दिशा तय होगी।

सम्मेलन का एजेंडा क्या होगा?

तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस में कई अहम विषयों पर मंथन होने की संभावना है

राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी रणनीतियाँ

नक्सलवाद और लेफ्ट -वामपंथी उग्रवाद (छत्तीसगढ़ के लिए खास महत्व)

साइबर क्राइम और डिजिटल सुरक्षा

साइबर क्राइम और डिजिटल सुरक्षा

नार्कोटिक्स व नशीले पदार्थों की रोकथाम

शहरी अपराध नियंत्रण और पुलिस सुधार

पुलिस-जनता संवाद और जवाबदेही

नए कानून और सुधारों पर चर्चाविभिन्न राज्यों की सफल पुलिसिंग मॉडल का साझा अनुभव

इसके पहले भुवनेश्वर में हुई थी बैठक

पिछली 59वीं DG-IG कॉन्फ्रेंस ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित हुई थी, जिसमें आतंकवाद, साइबर अपराध, और कानून-व्यवस्था सुधारों पर चर्चा हुई। उससे पहले दिल्ली, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी यह आयोजन हो चुका है।

छत्तीसगढ़ के लिए क्यों खास होगी यह कॉन्फ्रेंस?

1. नक्सल प्रभावित राज्य होने के कारण छत्तीसगढ़ की सुरक्षा रणनीतियों पर विशेष चर्चा होगी।

2. पुलिस सुधारों पर जोर – हाल ही में रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने का ड्राफ्ट तैयार हुआ है, इस पर भी चर्चा हो सकती है।

3. प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की लंबी मौजूदगी राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।

4. राज्य की छवि में सुधार – इस आयोजन से छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा व पुलिसिंग के नए प्रयोगों का केंद्र बनेगा।

रायपुर में होने जा रही DG कॉन्फ्रेंस सिर्फ एक प्रशासनिक बैठक नहीं होगी, बल्कि यह देशभर की पुलिस व्यवस्था को नई दिशा देने वाला मंच साबित होगी। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी इसे और अहम बनाती है। छत्तीसगढ़ के लिए यह आयोजन कानून-व्यवस्था सुधार और नक्सल चुनौती से निपटने की रणनीति को मजबूत करने का अवसर देगा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button