
भारत में तेजी से बढ़ रहा रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन का बाजार, पुराने iPhone की बढ़ी मांग, सबसे ज्यादा Samsung के फोन हुए एक्सचेंज
नई दिल्ली। भारत में स्मार्टफोन खरीदने का तरीका तेजी से बदल रहा है। नए मोबाइल फोन की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब लोग रिफर्बिश्ड यानी जांच और मरम्मत के बाद दोबारा बिक्री के लिए तैयार किए गए स्मार्टफोन खरीदना पसंद कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस बाजार में पुराने आईफोन की मांग तेजी से बढ़ रही है। वहीं, पुराने फोन के बदले नया फोन लेने के मामले में सैमसंग सबसे आगे है।
रिफर्बिश्ड इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी कंट्रोलज (ControlZ) के अनुसार, त्योहारी सीजन के दौरान उसकी बिक्री में 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसमें सबसे ज्यादा मांग आईफोन 13, आईफोन 14 और आईफोन 15 सीरीज की रही। कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी युग भाटिया के मुताबिक, ग्राहक अब कम कीमत में प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदने के विकल्प तलाश रहे हैं।
30 से 50 हजार रुपये वाले स्मार्टफोन की सबसे ज्यादा मांग
कंट्रोलज के अनुसार, 30,000 से 50,000 रुपये की कीमत वाले रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की बिक्री सबसे बेहतर रही। इस कीमत में ग्राहक ऐसे आईफोन खरीद पा रहे हैं, जो दिखने और इस्तेमाल के लिहाज से नए फोन जैसे होते हैं।
कंपनी के सीईओ युग भाटिया का कहना है कि जब एक सामान्य एंड्रॉयड स्मार्टफोन की कीमत किसी अच्छे रिफर्बिश्ड आईफोन के आसपास पहुंच जाती है, तो कई खरीदार आईफोन को प्राथमिकता देते हैं।
उनके अनुमान के मुताबिक, भारत में इस्तेमाल किए जा चुके स्मार्टफोन का बाजार करीब 5 करोड़ यूनिट का है। इसमें आईफोन की हिस्सेदारी लगभग 15 से 20 प्रतिशत है। इस बाजार को व्यवस्थित करने और छोटे शहरों तक पहुंच बढ़ाने की भी काफी संभावनाएं हैं।
50 हजार से महंगे रिफर्बिश्ड फोन की बिक्री दोगुने से ज्यादा
कैशिफाई (Cashify) की रिपोर्ट के अनुसार, 50,000 रुपये से अधिक कीमत वाले रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की बिक्री में दोगुने से ज्यादा की वृद्धि हुई है। इस श्रेणी में पुराने फोन देकर दूसरा फोन खरीदने यानी एक्सचेंज के मामलों में भी चार गुना से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इससे संकेत मिलता है कि अब ग्राहक केवल कम कीमत वाले पुराने फोन ही नहीं खरीद रहे, बल्कि महंगे और प्रीमियम स्मार्टफोन के रिफर्बिश्ड विकल्पों में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
छोटे शहरों में भी बढ़ा पुराने फोन बदलने का चलन
कैशिफाई के आंकड़ों के मुताबिक, देश के छह बड़े शहरों में पुराने फोन देकर नया स्मार्टफोन खरीदने के मामलों में 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं, टियर-3 यानी छोटे शहरों में यह वृद्धि 49 प्रतिशत तक पहुंच गई।
ब्रांड के हिसाब से पुराने फोन बदलकर नया फोन लेने के मामलों में मोटोरोला में 79 प्रतिशत और गूगल में 74 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, कुल एक्सचेंज के मामले में सैमसंग के स्मार्टफोन सबसे आगे रहे।
आईफोन 15, 16 और 17 जैसे नए मॉडल भी हो रहे एक्सचेंज
स्मार्टफोन बदलने का चलन अब केवल पुराने मॉडल तक सीमित नहीं है। कैशिफाई के मुताबिक, लोग आईफोन 15, 16 और यहां तक कि आईफोन 17 जैसे नए मॉडल भी एक्सचेंज कर रहे हैं।
इसके पीछे एक वजह यह है कि कई ग्राहक अपने फोन की कीमत ज्यादा गिरने से पहले ही उसे बदलना चाहते हैं। इससे उन्हें पुराने फोन के बदले बेहतर कीमत मिल सकती है और वे नया या अपग्रेडेड मॉडल खरीद सकते हैं।
आखिर क्या होता है रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन?
रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन सामान्य सेकंड हैंड फोन से थोड़ा अलग होता है। इस्तेमाल किए गए फोन को दोबारा बिक्री के लिए तैयार करने से पहले उसकी जांच की जाती है। जरूरत पड़ने पर खराब हिस्सों की मरम्मत या बदलाव किया जाता है। इसके बाद फोन की कार्यक्षमता जांचकर उसे दोबारा बेचा जाता है।
हालांकि, हर रिफर्बिश्ड फोन की गुणवत्ता एक जैसी नहीं होती। इसलिए खरीदारी करते समय फोन की बैटरी हेल्थ, स्क्रीन, कैमरा, वारंटी, रिटर्न पॉलिसी और मरम्मत के इतिहास की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
भारत में रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की बढ़ती मांग से साफ है कि ग्राहक अब केवल नया फोन खरीदने के बजाय उसकी कीमत, गुणवत्ता और सुविधाओं को भी ध्यान में रख रहे हैं। आने वाले समय में छोटे शहरों में भी इस बाजार का विस्तार होने की संभावना है।












