रायपुर – छत्तीसगढ़ में गायों की मौत का मामला अब सियासी जंग का मैदान बन गया है। समोदा और गुल्लू में गौठानों में गायों की लगातार मौतों ने कांग्रेस को भाजपा के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने का मौका दे दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सभी जिला अध्यक्षों को सक्रिय कर दिया है और अपने-अपने क्षेत्रों में गायों व गौठानों की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया है। ये रिपोर्टें जल्द ही राज्यपाल को सौंपी जाएंगी, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
समोदा नगर पंचायत के गौठान में हाल ही में 16 गायों की मौत ने तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस की जांच टीम, जिसमें पूर्व राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, विकास उपाध्याय, कन्हैया अग्रवाल और प्रमोद दुबे शामिल हैं, ने शनिवार को समोदा का दौरा किया। टीम ने गौठानों की जर्जर हालत को उजागर किया।
छाया वर्मा ने तल्ख लहजे में कहा, “भाजपा गायों के नाम पर सिर्फ वोट की राजनीति करती है। गौठानों में चारा-पानी तक नहीं, और गायें सड़कों पर कचरा खाकर मर रही हैं।” गुल्लू में भी चारे की कमी से गायों की मौत की खबरें सामने आई हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने गौठानों को बंद कर गौवंश को भगवान भरोसे छोड़ दिया।
कांग्रेस ने भाजपा पर ताबड़तोड़ हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि गायों की रक्षा का ढोंग रचने वाली भाजपा सरकार पंचायतों को गौसंरक्षण और चारे के लिए एक भी पैसा नहीं दे रही।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, “गौठान ध्वस्त हैं, सड़कों पर गायें भटक रही हैं, और औद्योगिक कचरा खाकर मर रही हैं। यह सरकारी लापरवाही की पराकाष्ठा है।” उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई और गौठानों को फिर से शुरू करने की मांग की।
भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस बेवजह मुद्दा भटका रही है। बीजेपी प्रवक्ता अमित चिमनानी ने दावा किया, “हमारी सरकार गौशालाओं के लिए पर्याप्त फंड दे रही है। कांग्रेस की गौहत्या नीति सबके सामने है।”
अप्रैल 2025 में रायपुर के कन्हैरा गांव में छह गायों की संदिग्ध मौत का मामला भी कांग्रेस ने उठाया, जहां कचरा खाने से मौत की आशंका जताई गई थी। कांग्रेस का दावा है कि उनकी सरकार में गौठान योजना ने गायों को संरक्षण दिया, लेकिन भाजपा ने इसे बर्बाद कर दिया।

