अमेरिका ने पहली बार माना, अंतरिक्ष में तैनात हैं हथियार; चीन-रूस के साथ बढ़ सकता है तनाव

वॉशिंगटन, 15 सितंबर 2026। अमेरिका ने पहली बार सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है कि उसके पास पृथ्वी की कक्षा में तैनात स्पेस-कंट्रोल हथियार मौजूद हैं। अमेरिकी वायुसेना सचिव ट्रॉय मेइंक ने 14 सितंबर 2026 को एयर, स्पेस एंड साइबर कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी।
मेइंक के मुताबिक, अमेरिकी स्पेस फोर्स के पास ऐसे ऑन-ऑर्बिट स्पेस-कंट्रोल वेपन्स हैं, जिनका इस्तेमाल अमेरिकी और सहयोगी सैन्य बलों को अंतरिक्ष में संभावित दुश्मन की कार्रवाई से बचाने के लिए किया जा सकता है।
हालांकि अमेरिका ने इन हथियारों की वास्तविक तकनीक, संख्या, तैनाती की जगह या उनकी मारक क्षमता के बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि ये हथियार किसी उपग्रह को भौतिक रूप से नष्ट करने में सक्षम हैं या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से उसे बाधित करने के लिए बनाए गए हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरिक्ष में सैन्य क्षमताओं में सैटेलाइट जैमिंग, संचार बाधित करना, सेंसर को प्रभावित करना और अन्य एंटी-सैटेलाइट तकनीक शामिल हो सकती हैं। ऐसे हथियारों की मौजूदगी अंतरिक्ष में बढ़ती सैन्य प्रतिस्पर्धा को लेकर नई चिंता पैदा कर रही है।
अमेरिका ने अपने इस कदम को चीन और रूस से बढ़ते अंतरिक्ष संबंधी खतरों के बीच जरूरी बताया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि दोनों देश भी अंतरिक्ष में अपनी सैन्य और काउंटर-स्पेस क्षमताओं को लगातार विकसित कर रहे हैं।
इस घोषणा के बाद अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बड़ी शक्तियां एक-दूसरे के खिलाफ अंतरिक्ष आधारित हथियारों का इस्तेमाल शुरू करती हैं, तो इससे हजारों संचार, नेविगेशन और मौसम संबंधी उपग्रहों पर खतरा पैदा हो सकता है।
अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती को लेकर 1967 की Outer Space Treaty महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौता है। यह अंतरिक्ष में परमाणु हथियारों और अन्य सामूहिक विनाश के हथियारों की तैनाती पर रोक लगाता है। हालांकि गैर-परमाणु सैन्य और एंटी-सैटेलाइट तकनीकों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बहस होती रही है।
– बड़ा सवाल: क्या अंतरिक्ष में हथियारों की नई होड़ शुरू होगी?












